
भोपाल. तमाम ऊहापोह के बाद स्नातक चिकित्सा पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी-नीट) देशभर में रविवार को होगी।इसके लिए 200 शहरों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं| देश के बाहर कुवैत और यूएई में भी परीक्षा होगी। इस बार रेकॉर्ड 165..4 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
पांच साल में करीब 42% की वृद्धि हुई है। इस बार भी पंजीयन कराने वालों में लड़कियां ज्यादा हैं। इनमें लड़के 71196 और लड़कियां 903508 हैं। पिछली बार लड़कियों की संख्या 8.80 लाख थी। परीक्षा के लिए इतने पंजीयन का मतलब है कि इतने युवा डॉक्टर बनना चाहते हैं | हालांकि इनमें से सिर्फ 1.63 लाख को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा, क्योंकि देश में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष, वेटरनरी को मिलाकर इतनी ही सीटें हैं। देश में एमबीबीएस की कुल 83175 सीटें हैं, जबकि मध्य प्रदेश में 3585 सीटें।
हिंदी का चलन बढ़ा
बीते पांच वर्षो में हिंदी में परीक्षा देने वाले हैं। 2017 में इनकी संख्या 1.20 लाख थी। अब यह आंकड़ा लगभग 230 लाख पर जा पहुंचा है। दोपहर दो बजे से परीक्षा शुरू होगी जो 03 घंटे चलेगी। 13 भाषाओं में होगी यह प्रवेश परीक्षा।
इनका रखें ध्यान
- प्रवेश-पत्र, फोटो पहचान पत्र लेकर जाएं।
- तय समय पर पहुंचें, इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा।
- केंद्रों पर सामान रखने की कोई व्यवस्था नहीं रहेगी।
- बिना मास्क के प्रवेश की इजाजत नहीं होगी।
प्रदेश में 6 शहरों में
प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रीवा में केन्द्र बनाए हैं। इनमें 59904 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रदेश में 184 तो राजधानी भोपाल में 50 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।
मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने बताया कि बच्चियों को लेकर जागरुकता बढ़ी है। कोरोना काल में कई लोगों ने परिवार में डॉक्टर सदस्य की जरूरत महसूस की है। जहां तक सीटें बढ़ाने की बात है तो सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। आगामी वर्षों में 10 कॉलेज खुलने हैं।
Updated on:
12 Sept 2021 09:16 am
Published on:
12 Sept 2021 09:16 am
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